Wednesday, 21 October 2015

निर्देशक से फ़िल्में नही चलती --- रणदीप हुडा


सन २००१ में फिल्म 'मानसून  वैडिंग" से अपने अभिनय कैरियर की शुरूआत  करने वाले अभिनेता रणदीप हुडा की जल्दी ही फिल्म एक नयी  फिल्म "मैं और चार्ल्स "  रिलीज़ होने वाली है। यह फिल्म कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज पर आधारित है। यह वही चार्ल्स शोभराज हैं जो की बिकिनी किलर के नाम से मशहूर हुए ही साथ में  यह लोगों को ठगने में माहिर थे , चार्ल्स शोभराज पर कई हत्यायें करने का दोष भी है।  निर्देशक प्रबाल रमन की इस फिल्म में रणदीप ने चार्ल्स शोभराज  की भूमिका अभिनीत की है। रणदीप से बातचीत हुई इसी फिल्म को लेकर ----
आपको चार्ल्स में ऐसा क्या नज़र आया कि आपने यह फिल्म की ?                                                                                                             चार्ल्स जैसा भी रहा हो लेकिन पता नही क्यों मुझे उसकी कहानी पसंद आती है यह आज की बात नही है पहले भी जब कभी मैंने उसकी खबरें अखबारों में पढ़ी मुझे मज़ा आता था उसके बारें में पढ़कर। 
आपने क्या - क्या होमवर्क किया इस फिल्म के लिये ?                                                                                                                             मैंने शोभराज से जुड़ी कई खबरें , समाचार और किताबें पढ़ी साथ में कुछ शार्ट फ़िल्में भी देखी। जिससे शोभराज कैसे बोलते थे यह सब सीखा।  लेकिन प्रबाल ने बहुत मेहनत की बहुत रिसर्च किया, साथ ही इस फिल्म से आमोद कंठ भी जुड़े हैं क्योंकि उन्होंने शोभराज के केस में भी काम किया था।  
आप पोस्टर में बिलकुल ही शोभराज लग रहे हैं ? 
जब मैंने हाइवे की थी तब सब कह रहे थे आप बिलकुल ट्रक ड्राइवर लगते हैं , जब "रंग रसिया" की तब भी सबने कहा की मैं बिल्कुल पेंटर लग रहा हूँ।  तो इसमें कोई बहुत बड़ी बात नही है यह काम है मेरा ,  जिसे ग्लोरिफाई करने की कोई बात नही है   अगर जो ऐसा करते हैं उनके पास  करने की कोई बात नही है मुझे ऐसा लगता है,  क्योंकि यह तो मेरा काम है कि जो किरदार मैं अभिनीत करून मुझे उसके जैसा लगना ही चाहिये। इसमें मैं शोभराज का किरदार कर रहा हूँ तो उसके जैसा बनने की कोशिश की है , वैसा मैं आपको बता दूँ इस सबके पीछे जिनका हाथ है वो हैं  पेरी पटेल जो कि मेरे हेयर डिजायनर हैं , दूसरे हैं कॉस्ट्यूम डिजाइनर सलीम असगर अली और इन दोनों के अलावा हैं निर्देशक प्रबाल रमन जिनका दिमाग सबसे ज्यादा चला है।  आज  तक मैं २० - २५, ३०  निर्देशकों के साथ काम कर चुका हूँ जिनमें मुझे सबसे उम्दा , सरल और सर्वश्रेष्ठ लगे हैं प्रबाल। 
प्रबाल की तारीफ  इसलिये तो ऐसा नही कह रहे कि  यह पिक्चर उनकी ही है ?                                                                                              जी मुझे ऐसा कहने  की बिल्कुल भी जरूरत नही है फिल्म अपने आप में बहुत  अच्छी है मेरा निर्देशक को अच्छा बोलने से फिल्म नही चलती और निर्देशक से फ़िल्में नही चलती। प्रबाल को मैं बहुत पहले से जानता हूँ जब वो राम गोपाल वर्मा के साथ करता था। अच्छा निर्देशक है इसके साथ काम करने में मज़ा आता है।  घुन्ना नही है बहुत ही साफ दिल का है क्योंकि मुझे घुन्ने लोग पसंद नही आते। 
आपकी कौन कौन सी फ़िल्में आने वाली हैं ? 
बीबा बॉयज जिसमें मैं गैंगस्टर बना हूँ , सरबजीत सिंह में सरबजीत सिंह बना हूँ , इसके अलावा एक फिल्म है "दो लफ्ज़ो की कहानी ". 

Wednesday, 14 October 2015

Yogesh Lakhani of Bright Outdoor received best advertising award at TIFF Awar


Yogesh lakhani of Bright Outdoor media received best advertising award 2015 TIIFA The Indian Icon Film Award.the foundation started in 1997 and running successfully every year. This is the first time Parwaz media Group has taken an initiative bringing its first Film/TV Award Show for the Industry in which we Honor the celebrities from the Film and the Television industry for providing entertainment to the world of cinemas by giving their time, dedication & devotion to the Film/TV industry.

Parikshet Sahni,Anusmritit Sarkar,Misti Mukerjee,Ekta jain,Marisa Verma & Sanchiti Sakat at mini marathon in Mumbai


Bollywood celebs Parikshet Sahni,South actress Anusmriti Sarkar,Misti Mukerjee,Marisa Verma,Ekta Jain and child singer Sanchiti Sakat came to take part in mini marathon in Mumbai.Bjp head Ashish Shelar and M S Bitta also came to support the event.

Sanchiti Sakat and Pamela Jain dubs for Rajasthani serial Swteshvar Mahima at Andheri


Sanchiti Sakat is busy hese days in recording different songs for serials,marathi films,ganpati bhajans and Hindi films.Recently she dubbed for Rajasthani serial Sweteshvar Mahima at Andheri.Sudhakar Sharma has written the lyrics which is composed by music director Shyam Jawda.Serial is produced by Naresh Rajpurohit and directed by Sani Mandawara.Pamela Jain was also part of this song recording.

मुझे नही लगता की रियल्टी शो सही माध्यम है संगीत की दुनियाँ में नाम कमाने का -- सूफी गायिका समरजीत रंधावा


गीत - संगीत की दुनियाँ में अपना नाम कमाने के लिए यूं तो रोज़ नयी प्रतिभायें आती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो कि श्रोताओं के दिलों को छू जाती हैं. ऐसी ही एक मधुर आवाज़ हैं सूफी गायिका समरजीत रंधावा की।  कानपुर की रहने वाली समरजीत  ने बचपन से संगीत सीखा है. इन्होने अखिल भारतीय गन्धर्व महाविद्यालय से संगीत विशारद किया है. इसके अलावा उस्ताद अफज़ल हुसैन खान निज़ामी, रामपुर सहसवान घराना वाले से संगीत की विधिवत शिक्षा ली है और अब समरजीत मुंबई में आयी हैं अपने संगीत कैरियर को आगे बढ़ाने के लिये। उनका पहला एलबम "रूह दी फकीरी " जो कि ज़ी म्यूजिक से आ रहा है।  पिछले दिनों समरजीत से विस्तृत बातचीत हुई , पेश हैं कुछ मुख्य अंश ---
क्या आपने फिल्मों में गीतों को गाया है ?
हाँ मैंने ३ फिल्मों में गीतों को गाया हैं जिसमें से एक फिल्म "मैं शाहरुख़ खान बनना चाहता हूँ" रिलीज़ होने वाली है इसमें आइटम नंबर गाया है मैंने। जिंगल्स भी गाये हैं , लोकप्रिय संगीतकार रविन्द्र जैन के साथ भजन में भी काम किया।  आई पी एल पंजाब के लिए गाया है । 

सूफी गायकी में आप किस गायक या गायिका से प्रेरित हैं ? 

 सूफी की तरफ जब झुकते हैं तो हम  कविता से इंस्पायर  होते हैं किसी गायक  से नहीं मेरा ऐसा मानना है ।  तो मैं बाबा बुल्ले शाह, बाबा गुलाम फ़रीद और नानक साहब , कबीर, रहीम, मीरा को मैं पढ़ती हूँ. जहाँ तक गायकी की बात है तो नुसरत फतेह अली खान का नाम मैं लेना चाहती हूँ मैं उनकी कव्वाली को दोबारा युवाओं में लोकप्रिय करूँ और साथ ही मैं शास्त्रीय संगीत को इस तरह से आम लोगों में पंहुचाना चाहती हूँ जिससे वो संगीत का आनंद भी उठाये और शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा भी मिले। 

Thursday, 8 October 2015

मिथुन चक्रवर्ती के साथ मैंने करीब १५ - १६ फिल्मों में काम किया है -- शिवनारायण सिंह रावत




दक्षिण भाषा की करीब  २५० फिल्मों को हिंदी में डब करने के पीछे हाथ है रावत जी काजिनका पूरा नाम शिवनारायण सिंह रावत है। रावत जी न केवल फिल्म निर्माता हैंलेखक हैंगीतों को रिकॉर्ड भी करते हैं बल्कि एक अभिनेता भी हैं. इन्होने महेश भट्टके  भाग्यराजमणिरत्नमउमेश मेहरा,  संजय शर्मा (अनिल शर्मा के भाई ) टी एल वी प्रसाद आदि अनेकों निर्देशकों के साथ भी काम किया है। पिछले ३० सालों से फिल्मों से जुड़े रावत जी आज भी फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं। पिछले ही दिनों बनी एक फिल्म "राजू बजरंगी" में उन्होंने हनुमान जी की भूमिका अभिनीत की है। जो कि सिविल ड्रेस में नीचे धरती में आते हैं।
८ साल की उम्र में ही अभिनय की ओर आकर्षित रावत जी के नाटक “पापी समाज" को इण्टर कॉलेज़ प्रतियोगिता में  ३९ नाटकों में से सर्वश्रेष्ठ नाटक का अवार्ड मिला। इस नाटक को उन्होंने लिखा भी था और मुख्य किरदार में भी वो ही थे। एक अभिनेता की मंजिल तो मुंबई ही है यह सोचकर अन्य दूसरे कलाकारों की तरह उन्होंने भी मुंबई का रुख किया।लेकिन उस समय तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी क्योंकि फिल्म निर्माता निर्देशकों के मुताबिक एक नायक के हिसाब से उनकी लम्बाई कम थी। इस बारें में रावत जी कहते हैं " हाँ मेरी लम्बाई मुझे मात दे गई. उस समय आमिर खान नही आया था न इंडस्ट्री में।"

नज़ीबाबाद में रेडियो अनाउंसर के रूप में काम कर चुके रावत जी का बहुत बड़ा हाथ है पहली गढ़वाली फिल्म "जग्वाल "के बनने में। इस फिल्म ने एक इतिहास बनाया था जब यह फिल्म रिलीज़ हुई थी। हालांकि यह फिल्म सफल हुई थी लेकिन रावत जी जितने उत्साह से इस फिल्म से जुड़े थे फिल्म के बनते बनते उनका सारा उत्साह उनका ठंडा हो गया क्योंकि फिल्म जब शुरू हो रही थी तब वो इस फिल्म में दो नायकों में से एक नायक थे लेकिन बाद में वो एक चरित्र अभिनेता बन कर ही रह गये. लेकिन इस फिल्म के बाद उन्होंने पहली नेपाली फिल्म "प्यारो रुमाल" बनाई जिसमें आज के लोकप्रिय गायक उदित नारायण को मौका दिया था  

सन १९८६ तक मुंबई में कई फिल्मों में छोटी - छोटी भूमिकायें भी साथ में फिल्मों में संवाद भी लिख्नते रहे। इसी दौरान एक फिल्म के सिलसिले में वो चेन्नई गये और वहीँ के हो कर रह गये। वहाँ रहते हुए उन्होंने तमिल फिल्मों में अभिनय किया और साथ में उनका निर्माण किया और वहीँ से सिलसिला शुरू किया तमिल तेलुगु आदि भाषाओँ को हिंदी में डब करके रिलीज़ करने का। वो बताते हैं, " डबिंग फिल्मों का का यह काम सुपर हिट फिल्म "रोज़ा" से शुरू हो गया था। एक समय था जब मेरी ४ - ४ फ़िल्में फ्लोर पर होती थी।"

 १५० के करीब डबिंग फिल्मों में संवाद लिख चुके रावत जी ने मिथुन चक्रवर्ती के साथ करीब १५ - १६ फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा इन्होने महेश भट्ट की नाराज़क्रिमनलजेंटलमैन आदि ३ फिल्मों में अभिनय किया है साथ ही इन्होने सबसे बड़ा खिलाडी और जंग फिल्मों में काम किया है। फिल्मों के साथ टी वी के लिए गणेश महिमाविष्णु पुराण भी लिखा है। निर्देशक मुस्तफा इंजीनियर की फिल्म "कुछ कहा आपने" भी रावत जी की जिंदगी की एक अहम फिल्म कही जा सकती है क्योंकि इस फिल्म में इन्होने एक हिज़ड़े की बहुत ही शानदार भूमिका अभिनीत की साथ में अपने संवाद और फिल्म का एक महत्वपूर्ण सीन भी लिखा। अभी रावत जी अपनी फिल्म " राजू बजरंगी" को लेकर बहुत उत्साहित हैं क्योंकि इस फिल्म में भी उनकी बहुत ही अच्छी भूमिका है।इस फिल्म के संवाद भी इन्होने ही लिखे हैं। फिल्म के लगभग हर क्षेत्र में काम कर चुके रावत जी कहते हैं "मैंने फिल्म के लगभग सभी क्षेत्रों में काम किया और बहुत कुछ सीखा इसके बारें मैं,इससे बहुत ही खुश हूँ क्योंकि मैंने इसी के सहारे अपने परिवार को पाला है.

Sunday, 4 October 2015

Aaarya Babbar,Misti Mukerjee,Ekta Jain & Sanchiti Sakat at Falguni Pathak dandiya


Displaying sanchiti sakat,ekta jain,aarya babbar & misti mukerjee.jpg
Displaying sanchiti sakat,falguni pathak,misti mukerjee,ekta jain & aarya babbar.jpgGujrati Samaj,Ghatkopar invited Bollywood celebs at their Navratri where Dandiya Queen Falguni Pathak is performing.Aarya Babbar,South actress Misti Mukerjee,TV actress Ekta Jain and child singer Sanchiti Sakat went to Navratri.Sanchiti Skat sang Maa Durga song.Aarya Babbar,Misti Mukerjee and Ekta jain wished everyone should play garba with family and friends.